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संक्षिप्त पूर्ववृत

पंडित दीनदयाल उपाध्याय विकलांग जन संस्थान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक एवं वित्तीय नियंत्रण के अन्तर्गत एक स्वायत निकाय है । यह संस्थान ''कॉउन्सिल फार द ऐड आफ क्रिपल्ड एण्ड हैण्डीकैप्ड'' द्वारा चलाए जा रहे पूर्व ''जवाहर लाल नेहरु इंस्टीच्यूट आफ फिजिकल मेडिसन एण्ड रिहैब्लिटेशन'' व सम्बध्द संस्थाओं को भारत सरकार द्वारा 22 मई 1975 को अपने अधीन लेने के साथ ही अस्तित्व में आया तथा वर्ष 1976 में इसे एक स्वायत निकाय में परिवर्तित किया गया ।
इस संस्थान का उद्देश्य सभी आयु वर्ग के विकलांग व्यक्तियों को सेवाएं प्रदान करना है । विकलांग व्यक्तियों के कष्टों के निवारण के उद््देश्य से यह संस्थान निम्नलिखिति कार्यक्रम चलाता है :-
दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बध्द 4½ वर्ष की अवधि का बैचलर आफ फिजिकल थरेपी, बैचलर आफ आकूपेशनल थरेपी, बैचलर आफ प्रोस्थैटिक्स एण्ड आर्र्थोटिक्स पाठ्यक्रम चलाना ।
- भौतिक चकित्सा, व्यावसायिक चिकित्सा, वाणी चिकित्सा सम्बंधी वाह्य रोगी नैदानिक सेवायें प्रदान करना ।
- विभिन्न प्रकार की चलन विकलांगताओं से ग्रस्त व्यक्यिों के लिए कैलिपर, स्पिलिंट, कृत्रिम टाँगे, सर्जिकल जूते व लकड़ी का प्रचलित फर्नीचर उपकरणों हेतु आर्थोटिक व प्रौस्थैटिक के निर्माण के लिए कार्यशाला ।
- सम्बध्द जिला प्रशासन और स्थानीय सक्रिय गैर-सरकारी संस्थाओं की सहायता से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रुप से कमजोर विकलांग व्यक्तियों के लिए दूरस्थ शिविरों का आयोजन करना।
दक्षिण क्षेत्रीय पुनर्वास केन्द्र (द.क्षे.पु.के.) सिकन्द्राबाद, आध्र प्रदेश व जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों (जि.वि.पु.के.)और क्षेत्रीय मेरुदण्डघात केन्द्र की स्थापना व संचालन कर विकलांग व्यक्तियों को संस्थागत व्यापक पुनर्वास सेवायें प्रदान करना ।
- दिल्ली नगर निगम से मान्यता प्राप्त अस्थि विकलांग बच्चों के लिए पॉचवी कक्षा तक का एक समेकित स्कूल चलाना ।
- विकलांग व्यक्तियों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक परामर्श सेवायें प्रदान करना ।
- सूचनाओं के संवितरण और जागरुकता लाने के लिए संस्थान और मंत्रालय की मुद्रण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मुद्रणालय चलाना
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